अयोध्या: शांतिपूर्ण संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 69.11 फीसद मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान के आंकड़ों को अंतिम रूप देने के लिए पंचायत चुनाव से जुड़ा प्रशासनिक अमला उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वैभव शर्मा के संग प्रेक्षक नगेंद्र प्रताप के साथ शुक्रवार को जुटा रहा। अमानीगंज ब्लॉक के मतदेय स्थल खंडासा, कोटिया कुंदर्खाकला एवं रुदौली ब्लॉक के कई मतदेय स्थलों पर रात आठ बजे तक मतदान चला। उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार मतदान समाप्ति के बाद मतपेटियां जमा कराने में पोलिग पार्टियों को रात एक बजे के बाद छुट्टी मिल सकी। उनके अनुसार मतपेटियों को सशस्त्रबलों की निगरानी में ब्लॉकवार बने मतगणना स्थलों पर सुरक्षित जमा करा दिया गया है। मतगणना दो मई को सुबह आठ बजे से शुरू होगी। मतदान में सर्वाधिक शिकायत मतदेय स्थलों पर मतपत्रों के गलत पहुंचने की रही। प्रत्याशी ज्यादा लेकिन मतपत्र मक चुनाव निशान का पहुंचा। कम निशान वाले मतपत्र किसी एक पद के प्रत्याशी के नहीं रहे। प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य तक के प्रत्याशी के मतपत्र कम निशान वाले पहुंचे। पीठासीन अधिकारी व सेक्टर मजिस्ट्रेट से शिकायत के बाद मतपत्र बदले जा सके। जानकारी होने से पहले मतदान होता रहा। जिनके निशान मतपत्र में नहीं रहे ऐसे उम्मीदवारों ने पीठासीन अधिकारी से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एक निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि ऐसी गड़बड़ियां मिश्रित वार्ड होने की वजह से हुईं। चुनाव कराने का समय कम होने से जल्दबाजी में ऐसी गड़बड़ियां स्वाभाविक हैं। मतदान के दिन कई मतदेय स्थलों पर कम चुनाव निशान वाले मतपत्र पहुंचने को लेकर हंगामा उम्मीदवारों ने किया था।
अयोध्या: कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामलों के बाद अब रामनगरी को भी प्रतिबंधों में जकड़ दिया गया है। जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। जिलाधिकारी अनुज झा ने अग्रिम आदेशों रात्रि आठ से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही होटलों व रेस्त्रां में बैठ कर भोजन व नाश्ता आदि करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिर्फ होम डिलीवरी या फिर ले जाने की ही सुविधा होगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को 48 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी, तभी उन्हें प्रवेश मिल सकेगा। शादी व अन्य मांगलिक कार्यक्रम भी कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक होंगे। इसके साथ ही वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठेगी। माल वाहक वाहनों के आने-जाने पर रोक नहीं होगी। रेलवे व बस स्टेशन से आने- जाने वालों के लिए टिकट ही पास माना जाएगा। आवश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों को भी छूट रहेगी। उनका परिचय पत्र ही पास माना जाएगा। चिकित्सीय सेवा, दवा, दूध, सब्जी, फल, रसोई गैस की आपूर्ति करने वालों को भी छूट रहेगी। पेट्रोल पंपों पर भी प्रतिबंध लागू नहीं होगा। सड़क, पुल आदि निर्माण कार्य भी पूर्व की भांति ही होंगे। आवश्यक व आपातकालीन सेवाओं के जुड़े व्यक्तियों को कारण बताने पर जाने दिया जाएगा। औद्योगिक कारखानों में कोविड-19 के नियमों को कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया गया है। डीएम के जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलेगा। मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
अयोध्या: कोरोना की लगातार गंभीर होती स्थिति ने चिकित्सकों की चिता भी बढ़ा दी है। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए कम से कम सात दिन का सख्त लॉकडाउन बेहद आवश्यक हो गया है। चिकित्सकों का मानना है कि लॉकडाउन के बगैर कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर काबू पाना बेहद मुश्किल है। इसकी वजह यह है कि कई मामलों में कोरोना के लक्षण उभरने में ही सात दिन लग जाते हैं और आठ से दस दिन संक्रमित को ठीक होने में लग जाता है। इसलिए सात दिन का सख्त लॉकडाउन आवश्यक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कोरोना की गंभीर होती स्थिति स्वयं समझी जा सकती है। अप्रैल माह के 15 दिनों में कोरोना संक्रमण के 1093 नए मामले सामने आ चुके हैं। इसमें 834 मामले सिर्फ बीते सात दिनों में ही सामने आए हैं। इसीलिए अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) सात दिनों के सख्त लॉकडाउन के पक्ष में है। इतना ही नहीं, आइएमए सात दिनों के लिए ओपीडी बंद करने पर विचार कर रहा है, हालांकि इस दौरान टेलीक्लीनिक चलाई जाएगी और इमरजेंसी सेवा भी उपलब्ध रहेगी। हालांकि, इस बाबत अभी निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन विचार-विमर्श शुरू हो गया है। आइएमए अध्यक्ष डॉ. अफरोज का कहना है कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए यदि अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। डॉ. अफरोज का कहना है कि लोगों को भी अपना दायित्व समझना होगा। सारी जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन पर ही डालना ठीक नहीं है। स्वयं से भी कदम उठाना होगा तो वहीं दूसरी ओर प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र सिन्हा भी इंटरनेट मीडिया पर लोगों से सेल्फ लॉकडाउन होने का आह्वान कर चुके हैं।